रुद्रपुर: उधम सिंह नगर जिले के कुंडा क्षेत्र में हुए चर्चित हरदीप सिंह हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में हत्या के पीछे रुपयों के लेन-देन को लेकर विवाद सामने आया है। मुख्य आरोपी संदीप सिंह उर्फ सोना पर हरदीप सिंह को गोली मारकर हत्या करने का आरोप है, जबकि उसकी पत्नी पर घटना के बाद साक्ष्य छिपाने और नष्ट करने के कथित षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप है।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लाइसेंसी पिस्टल, खोखा कारतूस और एक कार भी बरामद की है। मामले में आगे की जांच जारी है।
मां की शिकायत पर शुरू हुई जांच
उधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय गणपति ने बताया कि 13 सितंबर को रजविंदर कौर पत्नी सुखदेव सिंह, निवासी गुलजारपुर काशीपुर ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनके बेटे हरदीप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।
शिकायत के अनुसार, संदीप सिंह ने अपनी पत्नी और मां की मौजूदगी में हरदीप सिंह को गोली मारी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी।
48 घंटे के भीतर पुलिस ने किया खुलासा
एसएसपी अजय गणपति के निर्देश पर हत्याकांड के शीघ्र खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में गहन जांच, तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण और लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने 48 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप सिंह उर्फ सोना (40 वर्ष), पुत्र सुरजीत सिंह, निवासी गौरा फार्म, कोतवाली कुंडा तथा उसकी 35 वर्षीय पत्नी के रूप में हुई है।
पत्नी की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस के अनुसार, जांच में यह तथ्य सामने आया कि हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने और नष्ट करने के कथित प्रयासों में संदीप सिंह की पत्नी की भी भूमिका रही। इसी आधार पर उसे भी मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब इस पहलू की विस्तृत जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लाइसेंसी पिस्टल, खोखा और कार बरामद
पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी पिस्टल, एक खोखा कारतूस और घटना में प्रयुक्त कार बरामद कर ली गई है। बरामद हथियार को मामले का महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
जांच टीम अब हत्या के पीछे बताए जा रहे आर्थिक लेन-देन के विवाद, घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों तथा आरोपियों की गतिविधियों की भी गहन पड़ताल कर रही है।
जांच जारी
एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि पुलिस टीमों के समन्वित प्रयास, तकनीकी साक्ष्यों और सघन जांच के आधार पर मामले का तेजी से खुलासा किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रकरण में विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस खुलासे के बाद क्षेत्र में चर्चित रहे हरदीप सिंह हत्याकांड के कई अहम पहलुओं से पर्दा उठा है, जबकि पुलिस अब मामले की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी हुई है।







