रुड़की: हरिद्वार जिले के पिरान कलियर में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। एसटीएफ देहरादून, कलियर पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने एक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में ट्रामाडोल कैप्सूल और प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित कोई वैध रिकॉर्ड नहीं मिला और न ही इन दवाओं की बिक्री के लिए किसी चिकित्सक का प्रिस्क्रिप्शन उपलब्ध था। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
मेडिकल स्टोर पर संयुक्त टीम की बड़ी कार्रवाई
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि पिरान कलियर क्षेत्र में सावरी नावेद टी स्टॉल के सामने स्थित मोनी मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाओं की अवैध बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर एसटीएफ, ड्रग विभाग और कलियर पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई।
15 सितंबर को टीम ने मेडिकल स्टोर पर अचानक छापा मारा। कार्रवाई के दौरान दुकान पर मौजूद दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और फिर दुकान की तलाशी शुरू की गई।
1150 ट्रामाडोल कैप्सूल और 10 कोडीन सिरप बरामद
तलाशी के दौरान टीम को दुकान के काउंटर और अन्य स्थानों से 1150 Puroxiwin Spas कैप्सूल तथा 10 Codeictus TR (Triplolidine HCl and Codeine Phosphate) कफ सिरप बरामद हुए। इतनी बड़ी मात्रा में नशीली दवाएं मिलने से जांच टीम भी हैरान रह गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुर्बान अली (40 वर्ष), पुत्र अब्दुल मजीद, निवासी महमूदपुर और आदिल (24 वर्ष), पुत्र जिंदा हसन, निवासी मुकरपुर के रूप में हुई है।
खुले में बेचते थे नशीली दवाएं
एसटीएफ निरीक्षक भवानी शंकर पंत ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि बरामद कैप्सूल ट्रामाडोल श्रेणी की दवाएं हैं। पकड़े जाने से बचने के लिए इनकी मूल पैकिंग और लेबल हटाकर खुले में बेचा जाता था।
उन्होंने बताया कि आरोपियों के पास दवाओं की खरीद और बिक्री का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। साथ ही किसी भी ग्राहक के लिए डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन भी उपलब्ध नहीं था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी नशे के आदी लोगों को ये दवाएं बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे।
एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज
पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में दोनों के सामूहिक रूप से नशीली दवाओं के कारोबार में शामिल होने की बात सामने आई है। मामले में कोतवाली कलियर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है। वहीं पुलिस और ड्रग विभाग अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि प्रतिबंधित दवाओं की इतनी बड़ी खेप कहां से लाई गई थी और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत जारी रहेगी कार्रवाई
एसटीएफ अधिकारियों ने कहा कि राज्य में चलाए जा रहे “ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान” के तहत नशा तस्करों और अवैध रूप से नशीली दवाओं का कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि नशे से दूर रहें और किसी भी प्रकार के लालच में आकर नशा तस्करी जैसे अपराधों का हिस्सा न बनें। यदि किसी क्षेत्र में नशा तस्करी या नशीली दवाओं की अवैध बिक्री की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस, एसटीएफ या एएनटीएफ उत्तराखंड को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।







