टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नाले और गाड़-गदेरे उफान पर हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ते जलस्तर और भूस्खलन की घटनाओं के बीच टिहरी गढ़वाल जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। घनसाली तहसील क्षेत्र में गदेरे में बह गए 7 वर्षीय मासूम का शव बुधवार सुबह बरामद कर लिया गया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
खेलते समय गदेरे के तेज बहाव में बहा मासूम
जानकारी के अनुसार, घनसाली क्षेत्र के ग्राम दोणी निवासी 7 वर्षीय आरव पुत्र अरविंद मंगलवार शाम गांव के पास बहने वाले गदेरे के किनारे खेल रहा था। इसी दौरान अचानक गदेरे का जलस्तर बढ़ गया और तेज बहाव की चपेट में आने से मासूम बह गया।
घटना को देख आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने बच्चे को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के कारण उसे नहीं बचाया जा सका। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और एसडीआरएफ को सूचना दी।
रातभर चला सर्च ऑपरेशन
सूचना मिलने पर थाना घनसाली पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। बचाव दल ने देर रात तक गदेरे और आसपास के क्षेत्र में सघन खोजबीन की, लेकिन बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल सका।
अंधेरा और तेज बहाव के कारण रात में सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा। बुधवार सुबह एक बार फिर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने खोज अभियान शुरू किया।
एक किलोमीटर दूर मिला शव
बुधवार सुबह सर्च ऑपरेशन के दौरान घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर नदी में बच्चे का शव दिखाई दिया। एसडीआरएफ के जवानों ने शव को बाहर निकालकर पुलिस के सुपुर्द किया।
घनसाली के प्रभारी थानाध्यक्ष दिनेश बल्लव ने बताया कि सुबह करीब 8:30 बजे बालक का शव बरामद किया गया। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलेश्वर भेज दिया है।
गांव में पसरा मातम
मासूम आरव की मौत की खबर से पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीण भी इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान गदेरे का जलस्तर अचानक बढ़ जाने से यह हादसा हुआ।
प्रशासन ने बरसात में सतर्क रहने की अपील की
लगातार बारिश के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में नदी-नाले और गाड़-गदेरे उफान पर हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बरसात के दौरान बच्चों को जलधाराओं, गदेरों और नदी-नालों के आसपास अकेले न जाने दें तथा खराब मौसम में विशेष सतर्कता बरतें।
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ों में बारिश के दौरान बढ़ते खतरे और सावधानी की आवश्यकता की याद दिलाता है। मासूम आरव की असमय मौत से पूरे क्षेत्र में गहरा दुख और शोक व्याप्त है।







