हरिद्वार: दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा शुक्रवार को दिल्ली से हरिद्वार पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी धर्मपत्नी और अन्य परिजनों के साथ श्री दक्षिण काली मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान निरंजनी पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने विशेष पूजा संपन्न कराई और उन्हें मां दक्षिण काली की चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया। पूर्व राष्ट्रपति ने आगामी चुनावों में सफलता की कामना करते हुए मां काली का आशीर्वाद लिया।
दक्षिण काली मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना
हरिद्वार प्रवास के दौरान जैकब जुमा ने श्री दक्षिण काली मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद उन्होंने अपने अनुभव को बेहद सकारात्मक बताते हुए कहा कि मंदिर में आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति का विशेष अनुभव हुआ। उन्होंने विश्वास जताया कि मां काली के आशीर्वाद से उन्हें भविष्य में सफलता मिलेगी।
इस अवसर पर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा संपन्न कराई और जैकब जुमा को आगामी चुनावों के लिए शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया।
‘धर्म सत्ता से ही राजसत्ता को मिलती है दिशा’
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि धर्म सत्ता के मार्गदर्शन से ही राजसत्ता को मानव कल्याण और विकास की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि जैकब जुमा सनातन संस्कृति और संत परंपरा का सम्मान करने वाले व्यक्ति हैं तथा दक्षिण अफ्रीका के विकास और वहां की जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने मां दक्षिण काली से प्रार्थना करते हुए कहा कि आगामी चुनावों में जैकब जुमा को सफलता मिले और उन्हें पुनः जनसेवा का अवसर प्राप्त हो।
2029 के चुनावों के लिए मांगा आशीर्वाद
स्वामी कैलाशानंद गिरी ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका में इसी वर्ष स्थानीय निकाय चुनाव होने हैं, जबकि वर्ष 2029 में राष्ट्रपति चुनाव प्रस्तावित हैं। जैकब जुमा दोनों चुनावों में सफलता की कामना लेकर हरिद्वार पहुंचे थे।
उन्होंने बताया कि पूजा के दौरान जैकब जुमा ने यह भी संकल्प लिया कि यदि उन्हें दोबारा जनता का आशीर्वाद प्राप्त होता है और वे फिर से राष्ट्रपति बनते हैं, तो सबसे पहले हरिद्वार आकर मां दक्षिण काली के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे।
2009 से 2018 तक रहे दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति
गौरतलब है कि जैकब जुमा वर्ष 2009 से 2018 तक दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रहे। वर्ष 2018 में भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और बाद में उन्हें कुछ समय के लिए जेल भी जाना पड़ा। वर्तमान में 84 वर्षीय जैकब जुमा सक्रिय राजनीति में हैं और आगामी चुनावों की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
हरिद्वार का यह दौरा उनके आध्यात्मिक विश्वास और भारत से जुड़े सांस्कृतिक संबंधों को भी दर्शाता है। मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भी पूर्व राष्ट्रपति को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।







