अल्मोड़ा: द्वाराहाट से कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट ने बहुउद्देशीय शिविर के दौरान हुए विवाद को लेकर प्रदेश सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कार्यक्रम में प्रोटोकॉल की अनदेखी की गई, जिसके चलते मंच पर विवाद और कहासुनी की स्थिति पैदा हुई। साथ ही उन्होंने सरकार पर विकास कार्यों की अनदेखी और जनता से किए गए वादे पूरे नहीं करने का भी आरोप लगाया।
‘सरकारी कार्यक्रम का संचालन भाजपा जिलाध्यक्ष ने किया’
मदन बिष्ट ने कहा कि बहुउद्देशीय शिविर में वह स्वयं और ब्लॉक प्रमुख मौजूद थे, लेकिन पूरे कार्यक्रम का संचालन भाजपा के जिलाध्यक्ष कर रहे थे, जो पूरी तरह प्रोटोकॉल के विपरीत था।
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष ने मंच से यह तक कहा कि “यह कार्यक्रम हमारा है।” विधायक के अनुसार, उन्होंने इसी बात का विरोध किया क्योंकि सरकारी कार्यक्रम किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि प्रशासन का होता है और उसका संचालन किसी अधिकृत अधिकारी द्वारा किया जाना चाहिए।
जल जीवन मिशन पर भी उठाए सवाल
विधायक ने कहा कि उन्होंने मंच से क्षेत्र की जनसमस्याओं को भी उठाया। विशेष रूप से जल जीवन मिशन का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि गांवों में नल तो लगा दिए गए हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को उठाने के दौरान मंच पर बहस और कहासुनी हुई।
‘साढ़े चार साल में एक भी बड़ा काम पूरा नहीं हुआ’
मदन बिष्ट ने राज्य सरकार पर विकास कार्यों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से उनके विधानसभा क्षेत्रों के लिए दस प्रमुख विकास कार्यों की सूची मांगी थी और उन्हें पांच वर्षों में पूरा करने का आश्वासन दिया गया था।
उन्होंने दावा किया कि सरकार का कार्यकाल लगभग साढ़े चार वर्ष पूरा होने को है, लेकिन उनके विधानसभा क्षेत्र में सूचीबद्ध एक भी प्रमुख कार्य पूरा नहीं किया गया। उनके अनुसार सरकार केवल घोषणाएं कर रही है, जबकि धरातल पर विकास दिखाई नहीं देता।
‘जनता को गुमराह कर रही है भाजपा’
विधायक बिष्ट ने कहा कि भाजपा सरकार झूठे वादों के सहारे जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों पर ध्यान देने के बजाय लोगों की भावनाओं को भड़काकर राजनीति की जा रही है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन इन क्षेत्रों में अपेक्षित कार्य नहीं हुए हैं।
अस्पताल के उच्चीकरण का मुद्दा भी उठाया
मदन बिष्ट ने बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता द्वाराहाट अस्पताल का उच्चीकरण था, लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि अस्पताल की मांग को लेकर क्षेत्र की जनता को करीब दो महीने तक आंदोलन करना पड़ा, इसके बावजूद कोई ठोस परिणाम नहीं निकला।
उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के कुछ विकास कार्य उन्होंने स्वयं अधिकारियों और विभागीय सचिवों से समन्वय स्थापित कराकर पूरे करवाए।
अपने कार्यकाल के विकास कार्यों का किया जिक्र
विधायक ने दावा किया कि वर्ष 2014 से 2017 के बीच उनके कार्यकाल में क्षेत्र में पर्याप्त विकास कार्य हुए थे। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता चाहें तो उस अवधि के विकास कार्यों का आकलन कर सकते हैं। उनका कहना था कि आज भी क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता है और सरकार को इस दिशा में गंभीरता से काम करना चाहिए।
प्रधानमंत्री से जुड़ी टिप्पणी पर नहीं दिया स्पष्ट जवाब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मंच से की गई कथित टिप्पणी के संबंध में पूछे गए सवाल पर मदन बिष्ट ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने सवाल को टालते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री का नाम तक नहीं जानते। इसके बाद उन्होंने इस विषय पर आगे कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।







