देहरादून: पिछले वर्ष मानसून के दौरान हुई भारी बारिश और आपदा ने उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के साथ-साथ राजधानी देहरादून में भी व्यापक नुकसान पहुंचाया था। इसी आपदा में प्रेमनगर स्थित नंदा की चौकी (टौंस नदी) पुल भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। तब से स्थानीय लोग नदी में बनाए गए अस्थायी मार्ग से आवाजाही करने को मजबूर हैं। अब पुल के पुनर्निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। मंगलवार को कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
16 करोड़ की लागत से हो रहा पुनर्निर्माण
निरीक्षण के दौरान सतपाल महाराज ने बताया कि पुल के पुनर्निर्माण और सुरक्षात्मक कार्य पर करीब 16 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यह कार्य लोक निर्माण विभाग (PWD) और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के सहयोग से किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस बार पुल के निर्माण में पारंपरिक ओपन फाउंडेशन के बजाय अधिक सुरक्षित और मजबूत ‘वेल फाउंडेशन’ (Well Foundation) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे भविष्य में बाढ़ और तेज बहाव जैसी परिस्थितियों में पुल अधिक सुरक्षित रहेगा।
95 प्रतिशत कार्य पूरा, 10 दिन में खुलेगा पुल
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि निर्माण कार्य लगभग 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है। पिछले वर्ष बादल फटने की घटना में पुल का एक पिलर तिरछा हो गया था, जिसे हटाकर नया पिलर बनाया गया है और पूरे पुल को उसी पर पुनः स्थापित किया गया है।
उन्होंने कहा कि परियोजना की लागत कम रखने के लिए पुराने पुल और उसके सुरक्षित पिलरों का भी दोबारा उपयोग किया गया है। यदि मौसम अनुकूल रहा तो अगले 10 दिनों के भीतर पुल आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे बरसात से पहले स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
नदी किनारों पर बन रही आरसीसी दीवार
पुल के पुनर्निर्माण के साथ-साथ टौंस नदी के दोनों किनारों पर आरसीसी रिटेनिंग वॉल (RCC Wall) का निर्माण भी किया जा रहा है। इसके अलावा पुल के अन्य तीन पिलरों को भी अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने के लिए सुरक्षात्मक कार्य कराया जा रहा है, ताकि भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं का असर कम से कम हो।
स्थायी और सुरक्षित ढांचा तैयार करना सरकार का लक्ष्य
सतपाल महाराज ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल क्षतिग्रस्त ढांचों की मरम्मत करना नहीं, बल्कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी, मजबूत और सुरक्षित आधारभूत संरचनाओं का निर्माण करना है, ताकि भविष्य में लोगों को इस प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े।
उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश भी दिए।
चारधाम यात्रा पर भी की अपील
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने चारधाम यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यात्रा फिलहाल सुचारु रूप से संचालित हो रही है और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए शांति और संयम बनाए रखें, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा या व्यवधान उत्पन्न न हो।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि पुल शुरू होने के बाद लंबे समय से अस्थायी मार्ग पर निर्भरता समाप्त होगी और क्षेत्र में यातायात फिर से पूरी तरह सामान्य हो सकेगा। साथ ही बरसात के मौसम से पहले पुल का चालू होना हजारों लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।







