देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की दस्तक के साथ ही राजधानी देहरादून में पहली ही तेज बारिश ने नगर निगम और प्रशासन की तैयारियों की हकीकत सामने ला दी। बुधवार सुबह शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने कुछ ही घंटों में शहर के कई प्रमुख इलाकों को जलमग्न कर दिया। सड़कें छोटी नदियों में तब्दील हो गईं, बाजारों और कॉलोनियों में पानी भर गया, जबकि जगह-जगह लगे जाम ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। मौसम विभाग की ओर से पहले जारी किया गया भारी बारिश का अलर्ट पहले ही दिन काफी हद तक सही साबित होता नजर आया।
पहली बारिश में शहर हुआ पानी-पानी
सुबह से लगातार हुई बारिश के चलते डालनवाला, आईएसबीटी, घंटाघर, प्रिंस चौक, सहारनपुर रोड, पटेल नगर, नेहरू ग्राम समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। मुख्य सड़कों पर पानी जमा होने से वाहन चालकों को घंटों जाम में फंसना पड़ा, जबकि दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई स्थानों पर नालियां और ड्रेनेज सिस्टम बारिश का दबाव नहीं झेल सके, जिससे पानी सड़कों और रिहायशी इलाकों में फैल गया। लोगों को घरों, दुकानों और कार्यालयों तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
जल निकासी व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
हर वर्ष मानसून की शुरुआत के साथ राजधानी में जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। पहली ही बारिश में शहर की प्रमुख सड़कें जलमग्न होने से नगर निगम की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालों की समय पर सफाई और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत किए जाने के दावों का असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दिया।
ट्रैफिक व्यवस्था भी हुई प्रभावित
बारिश के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम देखने को मिला। कार्यालयों और स्कूलों की ओर जाने वाले लोगों को सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक समय यात्रा में बिताना पड़ा। कई स्थानों पर पानी भरने के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई।
अगले चार दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 1 से 4 जुलाई तक राज्य के अधिकांश जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
- 1 जुलाई: देहरादून और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना।
- 2 जुलाई: देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर में तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट।
- 3 जुलाई: देहरादून, नैनीताल, उत्तरकाशी, चमोली, पौड़ी और बागेश्वर में भारी वर्षा की आशंका।
- 4 जुलाई: पौड़ी और बागेश्वर में फिर भारी बारिश की संभावना, जबकि हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर समेत मैदानी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि और संवेदनशील इलाकों में अचानक खतरा बढ़ने की चेतावनी भी दी है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों, पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले यात्रियों और संवेदनशील इलाकों के निवासियों को मौसम विभाग के अलर्ट का पालन करने की सलाह दी गई है। साथ ही आपदा प्रबंधन की टीमें भी अलर्ट मोड पर रखी गई हैं।
मानसून की शुरुआत ने बढ़ाई चिंता
मानसून की पहली बारिश ने जहां भीषण गर्मी से राहत दिलाई, वहीं राजधानी की बुनियादी व्यवस्थाओं की कमजोरियां भी उजागर कर दीं। यदि आगामी दिनों में बारिश का यही सिलसिला जारी रहा, तो जलभराव, ट्रैफिक जाम और जनजीवन पर इसका असर और गंभीर हो सकता है। ऐसे में प्रशासन के लिए चुनौती केवल अलर्ट जारी करना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी जल निकासी और आपदा प्रबंधन व्यवस्था सुनिश्चित करना भी होगी।







