हरिद्वार: खानपुर विधानसभा सीट से पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन एक बार फिर विवादों में हैं। करीब एक सप्ताह पहले उनके खिलाफ लक्सर कोतवाली में एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति से फोन पर बातचीत के दौरान जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए जान से मारने की धमकी दी। मामले ने तूल पकड़ने के बाद अब प्रणव सिंह चैंपियन ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए एक वीडियो जारी किया है।
वीडियो जारी कर मांगी माफी
अपने जारी वीडियो संदेश में प्रणव सिंह चैंपियन ने कहा कि यदि उनकी किसी बात से अनुसूचित समाज की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह उसके लिए क्षमा चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा अनुसूचित समाज का सम्मान किया है और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के प्रति भी उनके मन में सम्मान रहा है। उन्होंने इसे एक “दुर्घटना” बताते हुए भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न होने की बात कही और समाज से उनकी गलती को नजरअंदाज करने की अपील की।
हालांकि, यह माफी ऐसे समय आई है जब विभिन्न दलित संगठनों ने उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
शांतरशाह गांव निवासी जोगेंद्र ने लक्सर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि 22 जून की शाम वह अपने बहनोई संजीव कुमार के साथ कार से लौट रहे थे। रास्ते में एक कार ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक करते हुए टक्कर जैसी स्थिति पैदा की।
शिकायत के अनुसार अगले दिन पुलिस ने उन्हें कोतवाली बुलाया, जहां पता चला कि संबंधित वाहन पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन का था। आरोप है कि मामले को सुलझाने के लिए जब उनके परिचित वीर सिंह ने चैंपियन को फोन किया तो उन्होंने संजीव कुमार को जातिसूचक शब्द कहे, जान से मारने की धमकी दी और अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
इस कथित बातचीत का ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया।
चैंपियन ने पहले बताया था वीडियो फर्जी
मामला सामने आने के बाद प्रणव सिंह चैंपियन ने वायरल वीडियो को फर्जी बताया था। उनका कहना था कि लक्सर से गुजरते समय उनकी सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश की गई थी और उनकी गाड़ी को टक्कर मारी गई थी।
उन्होंने दावा किया था कि उनके गनर संजय चौहान ने इस मामले में खेड़ी कलां निवासी संजीव कुमार और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ लक्सर कोतवाली में वाहन टक्कर मारने, अभद्रता और अन्य आरोपों को लेकर मुकदमा दर्ज कराया था। चैंपियन का आरोप था कि उसी कार्रवाई के कारण उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
गिरफ्तारी की मांग तेज
मामले के बाद भीम आर्मी सहित कई दलित संगठनों ने लक्सर कोतवाली पहुंचकर प्रदर्शन किया और पूर्व विधायक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई। विभिन्न संगठनों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपे हैं।
दलित नेता तीरथपाल रवि ने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक अक्सर लोगों को डराने-धमकाने और अभद्र व्यवहार करने के आरोपों में चर्चा में रहते हैं। उनका कहना है कि इस बार दलित समाज को निशाना बनाया गया है, इसलिए उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस जांच जारी
हरिद्वार के ग्रामीण एसपी शेखर सुयाल ने बताया कि घटना के संबंध में पीड़ित पक्ष की तहरीर पर लक्सर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच लक्सर के क्षेत्राधिकारी (सीओ) कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस को गिरफ्तारी की मांग से जुड़े कई ज्ञापन भी प्राप्त हुए हैं। जांच के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
एक ओर पूर्व विधायक की सार्वजनिक माफी ने मामले को नया मोड़ दिया है, वहीं दूसरी ओर दलित संगठन इसे पर्याप्त नहीं मान रहे हैं और कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है, जो तय करेगी कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।







