रुद्रप्रयाग: समुद्र तल से लगभग 3,680 मीटर की ऊंचाई पर हिमालय की गोद में बसे तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम में इस वर्ष श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड उत्साह देखने को मिल रहा है. यात्रा सत्र शुरू होने के बाद से अब तक 1,18,381 श्रद्धालु बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर चुके हैं. यह आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना में अधिक माना जा रहा है और धाम के प्रति देश-विदेश के श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था का प्रमाण भी है.
21 अप्रैल से लगातार उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
21 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु तुंगनाथ धाम पहुंच रहे हैं. चोपता से तुंगनाथ तक का पैदल मार्ग इन दिनों भक्तों और पर्यटकों से गुलजार है. हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियां, हरियाली से भरपूर प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक वातावरण श्रद्धालुओं की यात्रा को यादगार बना रहे हैं.
हर दिन सैकड़ों श्रद्धालु कठिन चढ़ाई तय कर बाबा तुंगनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं. मौसम अनुकूल रहने से भी यात्रा को गति मिली है.
स्थानीय कारोबारियों के चेहरे पर लौटी रौनक
बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या का सकारात्मक असर पूरे तुंगनाथ घाटी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है. चोपता, बणियाकुंड, दुगलबिट्टा और आसपास के क्षेत्रों में होटल, होमस्टे, रेस्टोरेंट, स्थानीय दुकानों, घोड़ा-खच्चर सेवा और अन्य पर्यटन आधारित व्यवसायों में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
यात्रा सीजन ने स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है.
संयुक्त प्रयासों से बेहतर हुई यात्रा व्यवस्था
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर समिति, तीर्थ पुरोहित समाज, वन विभाग, व्यापार संघ और स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाएं मिलकर यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने में जुटी हैं. स्वच्छता, सुरक्षा, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं पर लगातार काम किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं का भरोसा और मजबूत हुआ है.
अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र बनने की क्षमता
शिक्षाविद् धीर सिंह नेगी का मानना है कि यदि तुंगनाथ क्षेत्र में पार्किंग, शौचालय, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से विकास किया जाए, तो यह क्षेत्र वर्षभर धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन का अंतरराष्ट्रीय केंद्र बन सकता है.
श्रद्धालुओं का पूरा आंकड़ा
तुंगनाथ धाम के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित ने बताया कि कपाट खुलने के बाद अब तक कुल 1,18,381 श्रद्धालु बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर चुके हैं. इनमें—
- 60,962 पुरुष
- 50,815 महिलाएं
- 6,384 बच्चे
- 151 साधु-संत
- 69 विदेशी पर्यटक
शामिल हैं.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चोपता से सीधे चंद्रशिला जाने वाले पर्यटकों को इस आंकड़े में शामिल नहीं किया गया है.
आस्था के साथ पर्यटन का भी मजबूत केंद्र बन रहा तुंगनाथ
लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या यह संकेत दे रही है कि तृतीय केदार तुंगनाथ धाम अब केवल एक प्रमुख धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड के तेजी से उभरते आध्यात्मिक और पर्वतीय पर्यटन केंद्र के रूप में भी अपनी अलग पहचान बना चुका है. यदि आधारभूत सुविधाओं का और विस्तार किया जाता है, तो आने वाले वर्षों में तुंगनाथ धाम देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के श्रद्धालुओं और प्रकृति प्रेमियों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन सकता है.







