देहरादून: देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, भ्रष्टाचार और परीक्षा व्यवस्थाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ कांग्रेस ने देहरादून में विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूजा विहार स्थित रिया थापा के निवास से कैंडल मार्च निकालकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग उठाई. इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया.
रिया थापा को दी श्रद्धांजलि, दो मिनट का रखा मौन
कैंडल मार्च से पहले रिया थापा के परिजनों, रिश्तेदारों, स्थानीय नागरिकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. सभी ने दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की.
इस दौरान उपस्थित लोगों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की.
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता वैभव वालिया ने कहा कि रिया थापा की असमय मृत्यु केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की गंभीर चुनौतियों का प्रतीक है.
उन्होंने आरोप लगाया कि नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक और कथित भ्रष्टाचार के कारण लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है. वर्षों की मेहनत करने वाले छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर हुआ है और सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने में विफल रही है.
मशाल जुलूस में बड़ी संख्या में शामिल हुए छात्र और अभिभावक
इसी क्रम में कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में देहरादून में मशाल जुलूस भी निकाला गया. जुलूस में छात्र-छात्राएं, युवा, अभिभावक और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए.
प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था, जवाबदेही तय करने और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की.
“युवा अब भविष्य के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेंगे”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि इस जन आंदोलन में युवाओं की भागीदारी इस बात का संकेत है कि छात्र अब अपने भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं करेंगे.
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाया जा रहा छात्रों का अभियान अब व्यापक जनसमर्थन प्राप्त कर रहा है. उनके अनुसार यह संघर्ष केवल रिया थापा को न्याय दिलाने का नहीं, बल्कि देश के हर छात्र के सम्मान, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और जवाबदेही सुनिश्चित करने की लड़ाई है.
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि 23 वर्षीय रिया थापा ने कुछ दिन पहले कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. उनका शव फंदे से लटका मिला था.
देहरादून निवासी रिया ने 12वीं कक्षा में 97.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे और इसके बाद मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थीं. वह री-नीट परीक्षा की तैयारी में जुटी हुई थीं.
परीक्षा प्रणाली पर फिर तेज हुई बहस
रिया थापा की मौत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता, छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है. कांग्रेस ने इस मुद्दे को युवाओं के भविष्य से जुड़ा बताते हुए व्यापक सुधारों की मांग की है, जबकि इस पूरे घटनाक्रम ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत पर नए सिरे से चर्चा शुरू कर दी है.







