नैनीताल: नैनीताल जिले के भवाली व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे को दुष्कर्म, गर्भपात कराने, ब्लैकमेलिंग और रंगदारी जैसे गंभीर आरोपों से जुड़े मामले में पुलिस ने देर रात उनके आवास से हिरासत में ले लिया। नैनीताल, भवाली और हल्द्वानी पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान नरेश पांडे ने फेसबुक लाइव कर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और कथित तौर पर कोई जहरीला पदार्थ भी पी लिया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
युवती की शिकायत के बाद तेज हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र की एक युवती ने नरेश पांडे के खिलाफ दुष्कर्म समेत कई गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िता के बयान जिला न्यायालय में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 183 के तहत दर्ज कराए।
पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों और बयान के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया गया।
देर रात घर पहुंची पुलिस की संयुक्त टीम
देर रात नैनीताल, भवाली और हल्द्वानी पुलिस की संयुक्त टीम नरेश पांडे के आवास पहुंची। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए अपने साथ ले जाने लगी। इसी दौरान मौके पर काफी देर तक हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला।
फेसबुक लाइव कर लगाए गंभीर आरोप
पुलिस कार्रवाई के दौरान नरेश पांडे ने अपने घर की बालकनी से फेसबुक लाइव शुरू कर दिया। लाइव वीडियो में उन्होंने दावा किया कि पुलिस बिना वारंट उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके परिवार के साथ अभद्र व्यवहार किया, उनकी नाबालिग बेटी के साथ बदसलूकी की और उनके परिजनों के साथ भी दुर्व्यवहार किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पीड़िता ने अपने न्यायालयीन बयान उनके पक्ष में दिए हैं।
हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
कथित तौर पर जहरीला पदार्थ पीने का दावा
फेसबुक लाइव के दौरान नरेश पांडे ने कथित तौर पर कोई जानलेवा पदार्थ पीने की बात भी कही। इसके बाद पुलिस उन्हें तत्काल बीडी पांडे चिकित्सालय, नैनीताल ले गई, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हल्द्वानी के हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
पहले भी हो चुकी थी पूछताछ
इस मामले में इससे पहले भी पुलिस नरेश पांडे से करीब 24 घंटे तक पूछताछ कर चुकी थी। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था। बाद में उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज आरोपों को निराधार बताते हुए जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया, जहां मामला अभी विचाराधीन बताया जा रहा है।
एसएसपी ने क्या कहा?
नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने बताया कि नरेश पांडे के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, रंगदारी और गर्भपात कराने जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज है। वह इस मामले में नामजद और वांछित आरोपी हैं।
एसएसपी के अनुसार, विवेचना के दौरान मिले महत्वपूर्ण साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ और आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए पुलिस उन्हें हिरासत में लेने पहुंची थी।
जांच जारी, आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष और विधिक प्रक्रिया के तहत जारी है। वहीं, नरेश पांडे ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है। मामले में आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।







