हरिद्वार: हरिद्वार स्थित सिद्धपीठ चंडी देवी मंदिर में फैली गंदगी को लेकर इको टूरिज्म बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं दर्जामंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को उन्होंने मंदिर परिसर का औचक निरीक्षण किया, जहां रोपवे मार्ग, पहाड़ी क्षेत्र और दुकानों के आसपास फैली गंदगी देखकर नाराजगी जताई। उन्होंने रोपवे कंपनी के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तीन दिन के भीतर सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि तय समय में हालात नहीं सुधरे तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतों के बाद किया औचक निरीक्षण
दर्जामंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि ने बताया कि उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि चंडी देवी मंदिर परिसर और रोपवे मार्ग के आसपास बड़ी मात्रा में कूड़ा-कचरा फैला हुआ है। इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि वन्यजीवों को भी खतरा पैदा हो रहा है। इसके अलावा बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के बीच भी प्रदेश की छवि प्रभावित हो रही है।
इन्हीं शिकायतों का संज्ञान लेते हुए उन्होंने सोमवार को बिना पूर्व सूचना के मंदिर परिसर का निरीक्षण किया।
रोपवे मार्ग पर बिखरा मिला प्लास्टिक और कचरा
निरीक्षण के दौरान मंदिर तक जाने वाले रोपवे मार्ग और पहाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथीन और अन्य कचरा बिखरा मिला। गंदगी देखकर मंत्री ने मौके पर मौजूद रोपवे कंपनी के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर नाराजगी जताई।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि इतने महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल पर इस तरह की अव्यवस्था किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
दुकानदारों को भी लगाई फटकार
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने मंदिर परिसर में संचालित दुकानों का भी जायजा लिया। कई दुकानों के पीछे कूड़े का ढेर देखकर उन्होंने दुकानदारों को भी चेतावनी दी और निर्देश दिए कि वे अपनी दुकानों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र की नियमित सफाई सुनिश्चित करें।
इसके अलावा उन्होंने मंदिर के मुख्य पुजारी और मंदिर समिति के पदाधिकारियों को भी परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए।
तीन दिन बाद फिर होगा निरीक्षण
ओमप्रकाश जमदग्नि ने कहा कि चंडी देवी मंदिर हरिद्वार के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि तीन दिन बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। यदि उस समय भी गंदगी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए स्वच्छता जरूरी
दर्जामंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थलों की स्वच्छता केवल श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भी बेहद जरूरी है। उन्होंने रोपवे कंपनी और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता दें और भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति न होने दें।







