देहरादून: बदरीनाथ धाम मंदिर में कथित चढ़ावा गड़बड़ी का मामला अब राजनीतिक रंग पकड़ता जा रहा है। बुधवार को बदरीनाथ विधानसभा से कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला ने देहरादून स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान सरकार और बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय बताया। इस दौरान अपनी बात रखते हुए विधायक बुटोला भावुक भी हो गए।
हाईकोर्ट के तीन सिटिंग जजों की समिति से जांच की मांग
लखपत बुटोला ने कहा कि चारधाम यात्रा देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में मंदिर में चढ़ावे के रखरखाव और उसके लेखा-जोखा में कथित अनियमितताओं के आरोप बेहद गंभीर हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के तीन सिटिंग जजों की विशेष समिति से कराई जाए, ताकि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो सके तथा सच्चाई जनता के सामने आ सके।
पत्रकार वार्ता में भावुक हुए विधायक
मीडिया को संबोधित करते हुए बुटोला भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वह उस पवित्र भूमि का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहां भगवान बदरी विशाल का धाम और हेमकुंड साहिब जैसी तपोभूमि स्थित है। ऐसे पवित्र स्थानों से चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की खबरें सामने आना अत्यंत पीड़ादायक है।
उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास पर चोट है। उनके अनुसार इस तरह की घटनाओं से देश-विदेश में सनातन परंपरा की छवि भी प्रभावित होती है।
‘सिर्फ एक कर्मचारी पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं’
कांग्रेस विधायक ने कहा कि केवल एक व्यक्तिगत सहायक को निलंबित कर देने से मामले की जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की गहराई से जांच होनी चाहिए और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो सभी जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग
बुटोला ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। उन्होंने कहा कि बीकेटीसी के सदस्यों की नियुक्ति सरकार करती है, इसलिए मंदिर प्रशासन से जुड़े किसी भी कथित घोटाले की जवाबदेही भी सरकार की बनती है।
उन्होंने अयोध्या राम मंदिर में सामने आए चढ़ावे से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार वहां जवाबदेही तय करने की बात हुई, उसी प्रकार उत्तराखंड सरकार को भी इस मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए। उनका आरोप था कि किसी छोटे कर्मचारी को बलि का बकरा बनाकर पूरे मामले को दबाने का प्रयास नहीं होना चाहिए।
मामले पर बढ़ रही सियासी सरगर्मी
बदरीनाथ धाम में कथित चढ़ावे की गड़बड़ी का मामला लगातार राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के निशाने पर है। पहले ही इस प्रकरण को लेकर विभिन्न संगठनों द्वारा निष्पक्ष जांच की मांग की जा चुकी है। कांग्रेस भी लगातार सरकार पर हमलावर है और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रही है।
फिलहाल मामले की जांच प्रक्रिया जारी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।







