देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए कई जिलों में प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए देहरादून, नैनीताल और उधम सिंह नगर में 9 जुलाई (गुरुवार) को कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी, अशासकीय, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों के साथ-साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। वहीं टिहरी जिले के कद्दूखाल में भूस्खलन से एक पुरानी इमारत ढह गई, हालांकि समय रहते क्षेत्र खाली करा लेने से बड़ा हादसा टल गया।
देहरादून में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए जिलाधिकारी आशीष चौहान ने जनपद के सभी सरकारी, अशासकीय एवं निजी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12वीं तक की छुट्टी घोषित की है। इसके साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे। प्रशासन ने सभी शिक्षण संस्थानों को आदेश का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
नैनीताल में ऑरेंज अलर्ट के बाद प्रशासन अलर्ट
मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी ऑरेंज अलर्ट के बाद नैनीताल जिला प्रशासन ने भी गुरुवार को सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी विद्यालयों के साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है।
जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष ललित मोहन रयाल ने कहा कि जिले में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। लगातार बारिश के कारण नदियों, नालों और गधेरों का जलस्तर बढ़ सकता है, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
उधम सिंह नगर में भी एक दिन की छुट्टी
उधम सिंह नगर जिला प्रशासन ने भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर 9 जुलाई को जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त विद्यालयों के साथ-साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है। प्रशासन ने सभी संस्थानों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
टिहरी के कद्दूखाल में भूस्खलन, पुरानी बिल्डिंग ढही
लगातार बारिश के बीच टिहरी जिले के नेशनल हाईवे-707A पर कद्दूखाल में दुकानों के पास भूस्खलन हो गया। इस घटना में एक पुरानी खाली इमारत क्षतिग्रस्त होकर ढह गई।
राहत की बात यह रही कि प्रशासन ने पहले ही खतरे की आशंका को देखते हुए दो रेस्टोरेंट, सड़क किनारे बने अस्थायी खोखे और मजदूरों के अस्थायी शेल्टर खाली करा दिए थे। इसी वजह से कोई जनहानि नहीं हुई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह भूस्खलन होटल निर्माण के लिए की जा रही खुदाई के कारण हुआ। प्रशासन मामले की जांच कर रहा है और लोगों से बरसात के दौरान गिरासू क्षेत्रों तथा कच्चे या जर्जर भवनों में नहीं रहने की अपील की है।
बरसात के दौरान इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से बचें।
- भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से परहेज करें।
- नदी, नालों और गधेरों के किनारे न जाएं।
- मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
- किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से तुरंत संपर्क करें।
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।







