हरिद्वार: बहादराबाद थाना क्षेत्र के डीपीएस दौलतपुर के पास गंगनहर में एक वर्षीय बेटी के साथ लापता हुई विवाहिता के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जहां पहले पति ने दावा किया था कि पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद उसकी पत्नी अपनी एक साल की बेटी को गोद में लेकर गंगनहर में कूद गई थी, वहीं अब महिला के मायके पक्ष ने पति समेत ससुराल वालों पर मारपीट कर मां-बेटी को जानबूझकर नहर में धक्का देने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पति सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। उधर, सोमवार देर शाम तक भी मां-बेटी का कोई सुराग नहीं मिल सका।
पति ने बताया था- विवाद के बाद पत्नी बेटी को लेकर नहर में कूद गई
पुलिस के अनुसार, कोटा मुरादनगर, थाना कलियर निवासी अर्जुन ने रविवार को सूचना दी थी कि वह अपनी 30 वर्षीय पत्नी सरिता और दो बच्चों के साथ बाइक से बहादराबाद थाना क्षेत्र के रायपुर दरेड़ा स्थित ससुराल जा रहा था। उनके साथ चार वर्षीय बेटा और एक वर्षीय बेटी भी थी।
अर्जुन का कहना था कि रास्ते में किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर सरिता अपनी एक वर्षीय बेटी को गोद में लेकर डीपीएस दौलतपुर के पास गंगनहर में कूद गई। सूचना मिलते ही बहादराबाद थाना पुलिस, जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और सर्च अभियान शुरू किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
दूसरे दिन बदली कहानी, मायके पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
मामले में सोमवार को नया मोड़ तब आया जब महिला के भाई भूपेंद्र कुमार ने बहादराबाद थाने में तहरीर देकर पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए।
भूपेंद्र ने पुलिस को बताया कि उसकी बहन सरिता की शादी 27 जून 2020 को कोटा मुरादनगर निवासी अर्जुन से हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से पति अर्जुन, ससुर बालेश्वर, सास कलावती तथा ननद शीतल और बुलबुल दहेज की मांग को लेकर सरिता का लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करते थे।
‘रात को फोन कर बताया था कि जान से मारने की कोशिश हो रही है’
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 11 जुलाई की रात करीब 9 बजे सरिता ने अपने मायके फोन कर बताया था कि पति और ससुराल पक्ष के लोग उसके साथ मारपीट कर रहे हैं और उसे तथा उसकी एक वर्षीय बेटी नैन्सी को जान से मारने की कोशिश कर रहे हैं।
परिजनों ने उसे समझाया और अगले दिन घर पहुंचकर बात करने का भरोसा दिया। लेकिन अगले ही दिन सुबह करीब साढ़े 11 बजे अर्जुन का फोन आया कि सरिता अपनी बेटी को लेकर गंगनहर में कूद गई है।
मायके पक्ष का आरोप है कि सरिता और उसकी मासूम बेटी को खुद नहर में धक्का दिया गया और इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
पति समेत पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज
बहादराबाद थाना प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि महिला के भाई की तहरीर के आधार पर पति समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि पुलिस, जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें लगातार गंगनहर में सर्च अभियान चला रही हैं। फिलहाल मां-बेटी का कोई सुराग नहीं मिला है और तलाश जारी है।
रेस्क्यू अभियान जारी, जांच पर टिकी सबकी नजर
घटना के बाद दोनों परिवारों में मातम का माहौल है। एक ओर जहां पुलिस गंगनहर में लापता मां-बेटी की तलाश में जुटी है, वहीं दूसरी ओर दहेज उत्पीड़न और हत्या के प्रयास के आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मां-बेटी की बरामदगी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट (यदि बरामदगी होती है) के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल यह मामला पूरे हरिद्वार जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।







