हल्द्वानी: नैनीताल जिले के भवाली व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे से जुड़े चर्चित दुष्कर्म प्रकरण में बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। जिस युवती ने सबसे पहले नरेश पांडे पर दुष्कर्म, शारीरिक शोषण और जबरन गर्भपात कराने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था, अब वही युवती खुद सलाखों के पीछे पहुंच गई है। मल्लीताल पुलिस ने एक अन्य युवती की शिकायत के आधार पर पहली शिकायतकर्ता को पॉक्सो एक्ट, मानव तस्करी, दुष्कर्म कराने के प्रयास, मारपीट और जान से मारने की धमकी समेत कई गंभीर धाराओं में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
दूसरी युवती की शिकायत से बदला पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, मामले ने नया मोड़ तब लिया जब एक अन्य युवती ने कोतवाली मल्लीताल में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि पहली शिकायतकर्ता उसे बहला-फुसलाकर काठगोदाम स्थित एक होटल में ले गई, जहां पहले से मौजूद नरेश पांडे के सामने उस पर जबरन शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया गया।
पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। उसने यह भी बताया कि घटना के समय उसकी उम्र 17 वर्ष 11 माह थी, जिसके चलते मामला पॉक्सो एक्ट के दायरे में भी आया।
गंभीर धाराओं में मुकदमा, आरोपी महिला गिरफ्तार
शिकायत के बाद मल्लीताल पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए पहली शिकायतकर्ता के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, मानव तस्करी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। मंगलवार सुबह पुलिस ने उसे उसके घर से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
‘कॉलेज की छात्राओं को जाल में फंसाने का आरोप’
नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी नरेश पांडे और पहली शिकायतकर्ता कथित तौर पर कॉलेज की छात्राओं को अपने प्रभाव में लेकर उन्हें देह व्यापार के नेटवर्क की ओर धकेलने का काम करते थे।
एसएसपी ने बताया कि दोनों के संपर्क में कई अन्य युवतियां भी थीं। अब उनमें से एक युवती सामने आई है, जिसकी शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान अन्य पीड़िताएं भी सामने आती हैं तो उनके बयान के आधार पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य आरोपी नरेश पांडे पहले से जेल में
गौरतलब है कि इस मामले में मुख्य आरोपी नरेश पांडे को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा चुका है। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। अब पहली शिकायतकर्ता युवती की गिरफ्तारी के बाद इस चर्चित मामले की जांच का दायरा और बढ़ गया है।
फरार होने की तैयारी की चर्चा
सूत्रों के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी युवती गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना गांव छोड़ने की तैयारी में थी। बताया जा रहा है कि उसने पहले देहरादून और वहां से जयपुर जाने की योजना बनाई थी। यह भी दावा किया जा रहा है कि उसके वाहन की बुकिंग और जयपुर की हवाई टिकट तक बुक हो चुकी थी। हालांकि, पुलिस ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
हर पहलू की गहन जांच जारी
पुलिस अब पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रही है। होटल के रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का मानना है कि यह मामला अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल दोनों प्रमुख आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।







