हरिद्वार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत हरिद्वार पुलिस ने तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। श्यामपुर थाना पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए दो पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ₹4.55 लाख नकद, एक लग्जरी एंडेवर कार, आईफोन और तंत्र-मंत्र में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया गया है।
मन्नत ढाबे के पास हुई थी लाखों की ठगी
पुलिस के मुताबिक, 16 जुलाई की रात करीब 9:36 बजे डायल-112 पर सूचना मिली कि चंडी माता मंदिर के पास स्थित मन्नत ढाबे के नजदीक एक व्यक्ति से ₹4.60 लाख की ठगी कर एक पुरुष और एक महिला सफेद रंग की एंडेवर कार (UK17D-2527) से फरार हो गए हैं।
सूचना मिलते ही श्यामपुर थाना प्रभारी नितेश शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तत्काल सभी पिकेट और चेक पोस्टों को अलर्ट करते हुए क्षेत्र में नाकाबंदी और सघन चेकिंग शुरू कराई गई। अगले दिन पीड़ित विनोद कुमार, निवासी सोनीपत (हरियाणा), की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई।
यूट्यूब चैनल के जरिए फंसाते थे लोग
जांच में सामने आया कि आरोपी ‘AGHORA’ नाम से एक यूट्यूब चैनल चलाते थे, जिस पर तंत्र-मंत्र, पूजा-पाठ और कथित चमत्कारों से जुड़े वीडियो अपलोड किए जाते थे। इन वीडियो को देखकर देश के विभिन्न राज्यों से लोग अपनी पारिवारिक समस्याओं, कथित भूत-प्रेत, ऊपरी बाधा और अन्य अंधविश्वास से जुड़ी परेशानियों के समाधान के लिए उनसे संपर्क करते थे।
इसी तरह हरियाणा निवासी पीड़ित भी उनके झांसे में आ गया।
पूजा के बहाने ले उड़े ₹4.60 लाख
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित को चंडी देवी मंदिर के पास विशेष पूजा कराने का झांसा दिया और इसके लिए ₹4.60 लाख खर्च होने की बात कही। तय योजना के तहत उन्होंने पीड़ित को लाल धागे से बंधा मिट्टी का मटका देकर मंत्र जाप करने को कहा, जबकि नकदी से भरा बैग अपनी कार में रखवा लिया। इसके बाद पूजा का सामान लाने का बहाना बनाकर आरोपी मौके से फरार हो गए।
12 घंटे में पुलिस ने दबोचा गिरोह
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम गठित की गई। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों, बॉर्डर चेक पोस्टों पर सघन चेकिंग और त्वरित कार्रवाई के आधार पर पुलिस ने माइनिंग चेक पोस्ट चिड़ियापुर के पास से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने उनके कब्जे से ₹4.55 लाख नकद, लग्जरी एंडेवर कार, आईफोन और तंत्र-मंत्र में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सोशल मीडिया और यूट्यूब के माध्यम से लोगों का विश्वास जीतते थे। इसके बाद अंधविश्वास और भय का माहौल बनाकर तंत्र-मंत्र और विशेष पूजा के नाम पर लाखों रुपये और कीमती आभूषण ठग लेते थे।
पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने अन्य राज्यों में भी इसी तरह की कई वारदातों को अंजाम दिया है। इस संबंध में विस्तृत जांच जारी है।
पुलिस ने लोगों से की अपील
श्यामपुर थाना प्रभारी नितेश शर्मा ने लोगों से अपील की है कि तंत्र-मंत्र, भूत-प्रेत, ऊपरी बाधा या चमत्कार के नाम पर धन की मांग करने वाले तथाकथित तांत्रिकों, बाबाओं और सोशल मीडिया चैनलों के झांसे में न आएं। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की धोखाधड़ी का प्रयास करे तो तुरंत डायल-112 या नजदीकी पुलिस थाने को सूचना दें।
गिरफ्तार आरोपी
- मलकीत उर्फ राकेश शर्मा उर्फ मोहित पुत्र श्रवण सिंह उर्फ नमो शांति शर्मा, मूल निवासी मंडावर, बिजनौर (उत्तर प्रदेश), वर्तमान निवासी चंद्रमणी, देहरादून।
- मोन्टी जोशी पुत्र मुनेश कुमार जोशी, निवासी सब्जी मंडी के पास, पटेलनगर, देहरादून।
- अर्चना रावत पुत्री स्व. हरीश रावत, मूल निवासी नवासू, बैजरों, पौड़ी गढ़वाल, वर्तमान निवासी तुनुवाला, भद्रकाली, देहरादून।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य संभावित मामलों तथा पीड़ितों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।







