श्रीनगर (गढ़वाल): उत्तराखंड के सरकारी स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के अंतर्गत संचालित हेमवती नंदन बहुगुणा (एचएनबी) बेस चिकित्सालय को नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NABH) का एंट्री लेवल हॉस्पिटल प्रमाणन प्राप्त हो गया है। इस उपलब्धि से मेडिकल कॉलेज परिवार और प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में खुशी का माहौल है।
ई-मेल के जरिए मिली प्रमाणन की स्वीकृति
गुणवत्ता परिषद भारत (Quality Council of India) के अंतर्गत कार्यरत एनएबीएच ने अस्पताल को ई-मेल के माध्यम से प्रमाणन की स्वीकृति प्रदान की है। जल्द ही मेडिकल कॉलेज की टीम दिल्ली जाकर आधिकारिक प्रमाणपत्र प्राप्त करेगी।
170 गुणवत्ता मानकों पर हुई जांच
एनएबीएच प्रमाणन हासिल करने के लिए अस्पताल ने करीब नौ महीने तक तैयारी की। एनएबीएच समन्वयक डॉ. गौरी बिष्ट के नेतृत्व में अस्पताल को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप विकसित किया गया।
इसके बाद मुंबई और दिल्ली से आए तीन विशेषज्ञों के दल ने अस्पताल का तीन दिनों तक विस्तृत निरीक्षण किया और 170 गुणवत्ता मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया। निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को निर्धारित समय में दूर कर ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट किया गया, जिसके बाद अस्पताल को एंट्री लेवल हॉस्पिटल प्रमाणन प्रदान किया गया।
मरीजों को मिलेंगी और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने इस उपलब्धि को पूरे अस्पताल की टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रमाणन मरीजों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वहीं, एनएबीएच समन्वयक डॉ. गौरी बिष्ट ने बताया कि अस्पताल को ई-मेल के माध्यम से प्रमाणन की स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश रावत, सभी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास को दिया।
गढ़वाल मंडल की लाइफलाइन है एचएनबी बेस अस्पताल
एचएनबी बेस चिकित्सालय श्रीनगर को गढ़वाल मंडल की लाइफलाइन माना जाता है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी सहित कई जिलों से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं।
अस्पताल प्रशासन ने पिछले कुछ समय में मरीजों की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। इमरजेंसी वार्ड की व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है, जबकि ओपीडी पंजीकरण प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है, जिससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों को लंबी कतारों में इंतजार करने के बजाय समय पर पर्ची बनवाने और इलाज शुरू कराने में आसानी हो रही है।
सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि
एचएनबी बेस चिकित्सालय को मिला यह एनएबीएच प्रमाणन उत्तराखंड के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल मरीजों का अस्पताल पर विश्वास और मजबूत होगा, बल्कि प्रदेश के अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों को भी गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाएं विकसित करने की प्रेरणा मिलेगी।







