देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राजधानी देहरादून और मसूरी को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित संवेदनशील पानी वाले बैंड के पास सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन ने एहतियातन देहरादून–मसूरी मार्ग को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। सड़क धंसने से किसी बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने अगले आदेश तक इस मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही रोक दी है।
सुरक्षा के मद्देनजर मार्ग बंद
उप जिलाधिकारी मसूरी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि लगातार बारिश के कारण सड़क को गंभीर नुकसान पहुंचा है। जन-धन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को हालात पर लगातार नजर रखने और सड़क की मरम्मत युद्धस्तर पर शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे फिलहाल देहरादून–मसूरी मार्ग पर यात्रा करने से बचें, वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और मौसम विभाग व जिला प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें।
पहली ही बारिश में खुली निर्माण कार्यों की पोल
मसूरी–देहरादून मार्ग के पानी वाले बैंड पर हुए भूस्खलन ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के निर्माण कार्यों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले वर्ष आपदा के बाद इस संवेदनशील स्थान पर लाखों रुपये खर्च कर पुश्ते और सड़क की मरम्मत की गई थी, लेकिन मॉनसून की पहली तेज बारिश में ही सड़क आधे से अधिक हिस्से तक धंस गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान को सुरक्षित बनाने के दावे किए गए थे, वहीं पहली बारिश में निर्माण कार्य जवाब दे गया। लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यदि काम मानकों के अनुरूप हुआ होता तो सड़क इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त नहीं होती।
पालिका अध्यक्ष ने लिया मौके का जायजा
घटना की सूचना मिलते ही नगर पालिका परिषद मसूरी की अध्यक्ष मीरा सकलानी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली और राहत एवं सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
पूर्व विधायक ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य पहली बारिश भी नहीं झेल सका।
उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की बजाय भ्रष्टाचार को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
PWD का पक्ष
लोक निर्माण विभाग, मसूरी के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि जो पुश्ता क्षतिग्रस्त हुआ है, वह लगभग दो से ढाई वर्ष पुराना है। उसके नीचे की जमीन खिसकने के कारण सड़क को नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल सड़क पूरी तरह बंद कर दी गई है। सामने की पहाड़ी को काटकर वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक जगह बनाई जा रही है। यदि मौसम ने साथ दिया तो अगले 4 से 5 घंटे के भीतर छोटे वाहनों के लिए मार्ग खोलने का प्रयास किया जाएगा।
आगे भी बढ़ सकती है मुश्किल
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में मसूरी–देहरादून मार्ग सहित अन्य भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही सफर करने की अपील की है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है और संवेदनशील इलाकों की निगरानी लगातार की जा रही है।







