देहरादून: उत्तराखंड की क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय उपाध्यक्ष आशुतोष नेगी को उनके पद और अन्य सभी जिम्मेदारियों से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया है। इसके साथ ही पार्टी ने पूर्व पदाधिकारी रिटायर्ड कैप्टन राकेश ध्यानी को प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित करने का भी फैसला लिया है।
आशुतोष नेगी को पद से हटाने का आदेश जारी
यूकेडी के केंद्रीय महामंत्री एवं केंद्रीय कार्यालय प्रभारी देव चंद उत्तराखंडी द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि केंद्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने निर्णय लेते हुए आशुतोष नेगी को केंद्रीय उपाध्यक्ष के पद सहित उनके सभी संगठनात्मक दायित्वों से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि पार्टी आशुतोष नेगी के अब तक के योगदान की सराहना करती है और भविष्य में उनके कार्यों को ध्यान में रखते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी देने पर विचार किया जा सकता है।
दो वर्ष पहले यूकेडी में हुए थे शामिल
आशुतोष नेगी करीब दो वर्ष पहले उत्तराखंड क्रांति दल में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने संगठन में नई ऊर्जा लाने का प्रयास किया और विभिन्न जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाया। पार्टी के भीतर उनकी सक्रिय भूमिका को लेकर समय-समय पर चर्चा भी होती रही।
हालांकि, पार्टी ने उन्हें पद से हटाने के पीछे किसी विशेष कारण का सार्वजनिक रूप से उल्लेख नहीं किया है।
रिटायर्ड कैप्टन राकेश ध्यानी 6 वर्षों के लिए निष्कासित
यूकेडी ने एक अन्य बड़े फैसले में रिटायर्ड कैप्टन राकेश ध्यानी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है।
पार्टी के अनुसार, 19 जून को पदमुक्त किए जाने के बाद उनका व्यवहार संगठन के प्रति अनुशासित और अनुकूल नहीं रहा। पार्टी का कहना है कि संगठन के हितों और प्राप्त तथ्यों को देखते हुए शीर्ष नेतृत्व ने यह कार्रवाई की है।
आदेश के अनुसार, निष्कासन प्रभावी होने के बाद राकेश ध्यानी पार्टी के किसी भी पद, दायित्व या संगठनात्मक गतिविधि में भाग लेने के लिए अधिकृत नहीं होंगे।
उत्तराखंड आंदोलन से जुड़ी रही है यूकेडी
उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) की स्थापना 25 जुलाई 1979 को हुई थी। यह उत्तराखंड की प्रमुख क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी मानी जाती है और अलग उत्तराखंड राज्य आंदोलन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
पार्टी का उद्देश्य राज्य के सर्वांगीण विकास, स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा और उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना रहा है। हालांकि राज्य गठन के बाद यूकेडी का राजनीतिक प्रभाव धीरे-धीरे सीमित होता गया और पार्टी विधानसभा में छिटपुट सीटों तक सिमट गई।
संगठन को मजबूत करने की कोशिश?
लगातार हो रहे संगठनात्मक बदलावों को यूकेडी की आंतरिक पुनर्संरचना के तौर पर भी देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि संगठनात्मक अनुशासन और पार्टी हित सर्वोपरि हैं तथा भविष्य में भी इसी आधार पर निर्णय लिए जाएंगे।
फिलहाल आशुतोष नेगी को पदमुक्त किए जाने और राकेश ध्यानी के निष्कासन को लेकर दोनों नेताओं की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि इस मामले में उनका पक्ष सामने आता है, तो उससे स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।







