मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में मंगलवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। छावनी परिषद क्षेत्र के नीचे हवाघर मोड़ पर लैंडौर से घंटाघर की ओर जा रही एक पिकअप वाहन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से बाहर निकल गई। वाहन का एक पहिया सड़क के किनारे से बाहर लटक गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए समय रहते वाहन रोक दिया और सुरक्षित बाहर निकल आया। यदि थोड़ी भी चूक होती तो पिकअप गहरी खाई में गिर सकती थी।
खाई के किनारे लटका वाहन, सहम गए लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिकअप जैसे ही हवाघर मोड़ पर पहुंची, उसका संतुलन बिगड़ गया और वाहन सड़क के किनारे तक पहुंच गया। एक पहिया हवा में लटकने से वाहन खाई की ओर झुक गया, जिसे देखकर आसपास मौजूद लोगों की सांसें थम गईं।
घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई और काफी देर तक वाहन को सुरक्षित निकालने की कोशिशें चलती रहीं।
चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
इस दौरान चालक ने घबराने के बजाय धैर्य और समझदारी दिखाई। उसने तुरंत वाहन को रोक दिया और सुरक्षित बाहर निकल आया। चालक की सतर्कता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
हवाघर मोड़ को बताया दुर्घटनाओं का हॉटस्पॉट
स्थानीय निवासी रवि रावत, अरविंद पंवार और विजय बढ़ोला का कहना है कि छावनी परिषद क्षेत्र का हवाघर मोड़ लंबे समय से दुर्घटनाओं का कारण बनता रहा है।
उनका कहना है कि यह मोड़ बेहद तीखा है और सड़क किनारे पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। खासकर बरसात के मौसम में सड़क फिसलन भरी हो जाती है, जिससे वाहनों के अनियंत्रित होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
क्रैश बैरियर लगाने की उठी मांग
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने छावनी परिषद प्रशासन से हवाघर मोड़ पर मजबूत क्रैश बैरियर लगाने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि इस स्थान पर पहले भी कई बार वाहन फिसलने और सड़क से बाहर निकलने की घटनाएं हो चुकी हैं। यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
बारिश में बढ़ा खतरा
इन दिनों मसूरी में लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है। ऐसे में तीखे मोड़ों पर वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि पर्यटन सीजन के दौरान बढ़ते यातायात को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है।
फिलहाल चालक की सतर्कता और किस्मत के चलते एक बड़ी दुर्घटना टल गई, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर हवाघर मोड़ की सुरक्षा व्यवस्था और सड़क सुरक्षा उपायों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।







