देहरादून: हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद कथित शुद्धिकरण विवाद को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने आंदोलन तेज कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 7 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान किया है। कांग्रेस का दावा है कि यह प्रदर्शन राज्य सरकार के खिलाफ एक बड़ा जनआंदोलन साबित होगा। खास बात यह है कि कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी और सांसद कुमारी शैलजा भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगी।
मुख्यमंत्री आवास घेराव को लेकर कांग्रेस ने झोंकी ताकत
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि कुमारी शैलजा तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर पहुंच चुकी हैं। उनके दौरे का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम को सफल बनाना और आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर संगठनात्मक रणनीति तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि अपने प्रवास के दौरान कुमारी शैलजा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, संगठन पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करेंगी। साथ ही आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और चुनावी तैयारियों पर भी चर्चा की जाएगी।
“ऐतिहासिक होगा कांग्रेस का घेराव कार्यक्रम”
कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम ऐतिहासिक होने जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन कांग्रेस न तो झुकेगी और न ही पीछे हटेगी।
शैलजा ने कहा कि प्रदेश में कहीं नेताओं और कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं तो कहीं कथित शुद्धिकरण जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि हल्द्वानी में हुई घटना से समाज के विभिन्न वर्गों में नाराजगी है और लोग इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
कुमारी शैलजा ने आरोप लगाया कि जिन मामलों में कार्रवाई होनी चाहिए, उनमें सरकार चुप्पी साधे हुए है, जबकि विपक्षी नेताओं के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा दबाव में नजर आ रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी चुनावों में अग्निवीर योजना, भ्रष्टाचार, बढ़ते अपराध, बेरोजगारी और जनहित के अन्य मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के दौरे की भी तैयारी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि आने वाले समय में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भी उत्तराखंड दौरे प्रस्तावित हैं। हालांकि मानसून के चलते कार्यक्रमों की तारीखें अभी तय नहीं हुई हैं। मौसम अनुकूल होने और शीर्ष नेतृत्व से चर्चा के बाद इन कार्यक्रमों की घोषणा की जाएगी।
कार्यकर्ताओं को जुटाने में जुटी कांग्रेस
पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर मुख्यमंत्री आवास घेराव को सफल बनाने की रणनीति तैयार की। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में देहरादून पहुंचने और लोकतांत्रिक मूल्यों तथा जनता के मुद्दों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।
शुद्धिकरण विवाद बना सियासी मुद्दा
गौरतलब है कि हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस लगातार इस मामले में कार्रवाई की मांग कर रही है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि यह घटना सामाजिक और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी इस मुद्दे को राज्यसभा में उठा चुके हैं।
अब 7 सितंबर को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस इसे अपने आंदोलन का बड़ा पड़ाव मान रही है, जबकि राज्य सरकार और भाजपा की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।







