देहरादून/चमोली: बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी के चर्चित मामले में चमोली पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को देहरादून स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की टीम सादी वर्दी में देर रात आरोपी के घर पहुंची और गिरफ्तारी के बाद उसे चमोली लाकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच जारी है तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
देहरादून से देर रात हुई गिरफ्तारी
चमोली पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि रविवार देर रात एसआईटी ने प्रमोद नौटियाल को देहरादून स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को चमोली लाया गया, जहां उससे मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है।
एसपी ने बताया कि जांच टीम दस्तावेजों, अभिलेखों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है। नियमानुसार आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
हाईकोर्ट पहुंचे थे प्रमोद नौटियाल
गिरफ्तारी से पहले प्रमोद नौटियाल ने राहत पाने के लिए नैनीताल हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। उन्होंने अपने निलंबन आदेश और दर्ज एफआईआर को भी चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने बीकेटीसी से जवाब तलब करते हुए मामले की सुनवाई के लिए 16 जुलाई की तारीख तय की थी। हालांकि, सुनवाई से पहले ही एसआईटी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कुछ अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सबसे पहले भैरव सेना के संस्थापक संदीप खत्री ने उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान में अनियमितताएं और चोरी हो रही है। आरोप सामने आने के बाद मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया और राजनीतिक हलकों में भी इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की। वहीं उत्तराखंड सरकार ने भी तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया।
निलंबन के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
प्राथमिक जांच के बाद बीकेटीसी ने चढ़ावा चोरी के आरोपों के चलते कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया था। इसके साथ ही उनके खिलाफ पुलिस में मुकदमा भी दर्ज कराया गया। अब एसआईटी द्वारा गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच और तेज हो गई है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। दस्तावेजी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बदरीनाथ धाम जैसे आस्था के केंद्र से जुड़े इस मामले पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है।







