रुद्रपुर: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में लगातार बढ़ रही फायरिंग की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामला बाजपुर क्षेत्र के बन्नाखेड़ा से सामने आया है, जहां रास्ते के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद ताबड़तोड़ फायरिंग हुई, जिसमें एक युवक गोली लगने से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। वहीं, पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि पहले से शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते यह घटना हुई।
रास्ते के विवाद ने लिया खूनी संघर्ष का रूप
जानकारी के अनुसार, घटना बाजपुर क्षेत्र के बन्नाखेड़ा स्थित दाबका नदी के किनारे की है। बताया जा रहा है कि रास्ते को लेकर दो पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो कुछ ही देर में हाथापाई में बदल गई। इसके बाद एक पक्ष ने कथित तौर पर हथियार निकालकर दूसरे पक्ष पर कई राउंड फायरिंग कर दी।
फायरिंग में मनदीप सिंह नामक युवक गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है।
फायरिंग के बाद मचा हड़कंप, आरोपी फरार
गोली चलने की आवाज सुनते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही बन्नाखेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दोनों पक्षों के घरों पर दबिश दी, लेकिन आरोपी पक्ष के लोग फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस ने कही जांच की बात
काशीपुर के पुलिस अधीक्षक स्पन्न कुमार सिंह ने फोन पर फायरिंग की घटना की पुष्टि की है।
वहीं, बाजपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नरेश चौहान ने कहा कि प्रारंभिक जांच में रास्ते के विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच फायरिंग की बात सामने आई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
घायल युवक के परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि आरोपी लंबे समय से हथियार लेकर इलाके में घूमते थे और खुलेआम जान से मारने की धमकियां देते थे। परिवार का दावा है कि आरोपी कथित रूप से खैर की तस्करी से जुड़े हैं और उनके घर के रास्ते से आवाजाही करते थे। जब इसका विरोध किया गया तो उन्होंने गोली मारने की धमकी दी।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पहले ही पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि आरोपी 15 से 20 लोगों के समूह में आकर लगातार डराने-धमकाने का प्रयास करते थे।
‘अगर गोली जानलेवा साबित होती तो जिम्मेदार कौन?’
परिजनों का कहना है कि यदि गोली पैर की बजाय शरीर के किसी संवेदनशील हिस्से में लग जाती और युवक की जान चली जाती, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती? उनका आरोप है कि पुलिस की लापरवाही के कारण ही यह घटना हुई।
आरोपियों की तलाश जारी, इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
इस फायरिंग की घटना ने एक बार फिर उधम सिंह नगर में बढ़ते अपराध और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग क्षेत्र में अपराधियों पर सख्त कार्रवाई और प्रभावी पुलिसिंग की मांग कर रहे हैं।







