रुड़की: हरिद्वार जिले के रुड़की में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। रेलवे स्टेशन के पास सड़क पर दौड़ रही एक इलेक्ट्रिक स्कूटी में अचानक आग लग गई। स्कूटी से पहले धुआं निकला और कुछ ही सेकंड में उसमें भीषण आग लग गई। गनीमत रही कि स्कूटी चला रहे युवक ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते वाहन से छलांग लगा दी, जिससे उसकी जान बच गई। हालांकि आग की चपेट में आने से स्कूटी पूरी तरह जलकर राख हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।
चलती स्कूटी से निकलने लगा धुआं, फिर लगी आग
जानकारी के अनुसार, रुड़की की शक्ति विहार कॉलोनी निवासी आशु कुमार मंगलवार सुबह अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी से ड्यूटी के लिए निकले थे। जब वह रेलवे स्टेशन के पास अनमोल मेडिकल स्टोर के सामने पहुंचे, तभी अचानक स्कूटी से धुआं निकलने लगा। कुछ ही पलों में स्कूटी में आग भड़क उठी।
स्थिति को भांपते हुए आशु कुमार ने तुरंत स्कूटी से छलांग लगा दी। उनकी सतर्कता के चलते बड़ा हादसा टल गया और वह सुरक्षित बच निकले।
देखते ही देखते धू-धू कर जलने लगी स्कूटी
युवक के उतरते ही आग ने पूरी स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते स्कूटी धू-धू कर जलने लगी। सड़क पर आग की लपटें उठती देख आसपास के लोग घबरा गए और कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
राहगीरों ने घटना की सूचना संबंधित विभाग को दी। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई अन्य व्यक्ति घायल नहीं हुआ, लेकिन स्कूटी पूरी तरह जलकर खाक हो गई।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
गौरतलब है कि हरिद्वार जिले में वाहनों में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी रुड़की के सीबीआरआई कॉलोनी निवासी संजय यादव की बाइक में अचानक आग लग गई थी। उस समय भी चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बाइक से उतरकर अपनी जान बचाई थी। इतना ही नहीं, उसने जलती बाइक को गंगनहर किनारे तक खींचकर ले जाकर आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया था। बाद में मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था।
सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
रुड़की में इलेक्ट्रिक स्कूटी में लगी आग की इस घटना ने एक बार फिर इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। माना जा रहा है कि तकनीकी खराबी या बैटरी में आई गड़बड़ी इसकी वजह हो सकती है। संबंधित एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के दौरान समय-समय पर उनकी सर्विसिंग कराना, बैटरी की स्थिति पर नजर रखना और किसी भी असामान्य संकेत जैसे धुआं, तेज गर्मी या गंध महसूस होने पर तुरंत वाहन रोक देना बेहद जरूरी है। ऐसे मामलों में सतर्कता ही बड़े हादसे को टाल सकती है।







