पौड़ी गढ़वाल: चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के गवाणी गांव में अगस्त 2025 में भारी बारिश के दौरान बहा पुल आज तक नहीं बन पाया है। पुल के अभाव में स्कूली बच्चों को रोजाना जान जोखिम में डालकर उफनती मछलाड नदी पार कर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो गई है। बच्चों के लिए स्कूल पहुंचना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं रह गया है।
गवाणी गांव में ड्वीला मल्ला, ड्वीला तल्ला, देगला, तिमलपट समेत कई गांवों को जोड़ने वाला यह पुल पिछले वर्ष भारी बारिश में बह गया था। एक साल बीतने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू न होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है, जिन्हें रोजाना नदी या जंगल का रास्ता चुनना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार पानी के रास्ते होकर विद्यालय जाने पर बच्चों को करीब तीन किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, जबकि घने जंगल से होकर जाने पर यह दूरी बढ़कर लगभग पांच किलोमीटर हो जाती है। जंगल के रास्ते में जंगली जानवरों और गुलदार का खतरा लगातार बना रहता है।
स्थानीय निवासी बलवंत गुसाईं ने बताया कि पुल बहने के बाद से ग्रामीण लगातार सरकार और संबंधित विभाग से नए पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि पुल नहीं होने के कारण बच्चों के सामने विद्यालय पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
उन्होंने कहा, “बच्चों के पास विद्यालय जाने के लिए दो ही रास्ते हैं। एक ओर उन्हें उफनती नदी को पार करके स्कूल जाना पड़ता है, जबकि दूसरा रास्ता घने जंगल से होकर गुजरता है। जंगल के रास्ते की दूरी करीब पांच किलोमीटर तक बढ़ जाती है और क्षेत्र में जंगली जानवरों तथा गुलदार का खतरा भी बना रहता है।”
स्थानीय ग्रामीण प्रमोद रावत ने कहा कि नौनिहाल अपनी जान हथेली पर रखकर विद्यालय जाने को मजबूर हैं। मछलाड नदी का जलस्तर बढ़ने के दौरान स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक एवं लोक निर्माण विभाग मंत्री सतपाल महाराज से बच्चों की सुरक्षा और भविष्य को देखते हुए गवाणी में पुल निर्माण जल्द शुरू कराने की मांग की।
प्रमोद रावत ने कहा, “नदी का जलस्तर बढ़ते ही हालात बेहद जोखिम भरे हो जाते हैं। ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए पुल निर्माण कार्य जल्द शुरू होना चाहिए, ताकि बच्चों को सुरक्षित रास्ता मिल सके।”
इस मामले में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि भारी बारिश से जहां-जहां नुकसान हो रहा है, वहां क्षति की भरपाई के लिए कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुल और रास्ते क्षतिग्रस्त होने वाले स्थानों की रिपोर्ट प्राप्त की जा रही है तथा रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक धनराशि स्वीकृत की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक नया पुल नहीं बनता, तब तक क्षेत्र के बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। लगातार हो रही बारिश के बीच अभिभावकों की चिंता भी बढ़ती जा रही है। अब ग्रामीण प्रशासन और सरकार से जल्द से जल्द पुल निर्माण शुरू करने की मांग कर रहे हैं, ताकि बच्चों को सुरक्षित और स्थायी रास्ता मिल सके।









